गीला, सूखा, सेनेटरी व जोखिम कारक कचरा पृथक करने जागरूकता अभियान*

*गीला, सूखा, सेनेटरी व जोखिम कारक कचरा पृथक करने जागरूकता अभियान* 
डौंडीलोहारा:- सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य कार्यालय के निर्देशों के परिपालन में एसडब्ल्यूएम नियम 2026 के क्रियान्वयन एवं जागरूकता अभियान के लिए कलेक्टर श्रीमति दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी के दिशा निर्देश व जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नारायण बंजारा के मार्गदर्शन में विकास खंड के ग्रामो में एसडब्ल्यूएम 2026 के नियम का प्रचार प्रसार करने डस्टबिन के माध्यम से घरों से निकलने वाले कचरे को गीला ,सूखा, घरेलू खतरनाक एवं स्वच्छता अपशिष्ट के रूप में अलग-अलग करने कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, नियमित संग्रहण एवं प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा पुनर्चक्रण को बढ़ावा देंने ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा हैं । लगातार जागरूकता अभियान के चलते अब ग्रामीणों ने स्व स्फूर्त होकर अपने अपने घरों में अनुपयोगी पड़े तेल टीन को पेंट कर चार प्रकार के डस्टबिन बनाने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने स्वच्छाग्रही समूह डोर टू डोर कचरा संग्रहण करते समय गांवों में गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण सुनिश्चित करने जागरूकता अभियान चला रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नारायण बंजारा ने स्वच्छाग्रही समूह की कार्यों का प्रशंसा करते हुए कहा कि चार प्रकार के डिब्बे के माध्यम से सूखा गीला, सेनेटरी व जोख़िम कारक कचरा को अलग अलग कर पर्यावरण संरक्षण करने संदेश दे रही है। गांव गांव में जगह जगह नारा लेखन, दीवार लेखन कार्य ग्राम पंचायत के द्वारा किया जा चुका है। जिससे लोगों में जागरूकता आ रही है। नीला, हरा, लाल व पीला डिब्बा में अलग अलग कचरा रखने व्यवहार परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है जो कि प्रशंसनीय कार्य है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बंजारा ने आगे कहा कि खुले में कचरा फेंकने एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के अनियंत्रित उपयोग से पर्यावरण ,जल स्रोतों तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कचरे का पृथक्करण कर निर्धारित स्थानों पर ही उसका निपटान करें।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संकुल समन्वयक गौतम सिन्हा ने बताया कि विकास खण्ड के सभी ग्राम पंचायतों में एसडब्ल्यूएम नियम 2026 के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत सहित स्वच्छाग्रही समूह की टीम कार्य कर रही है। घरेलू स्तर पर ही अब कचरा का पृथककरण करने तथा निबटान की व्यवस्था से डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली स्वच्छा ग्रही समूह को अब आसानी होगी। व्यवहार परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य होगा। गाँव की गली चौक चौराहे अब स्वच्छ व सुंदर दिखने लगा है। गौतम सिन्हा ने बताया है कि उच्च कार्यालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने हमारी स्वच्छाग्रही समूह कमर कस कर तैयार रहती है। चाहे कड़कड़ाती धूप हो, चाहे मुसलाधार बारिश हो, चाहे रूह को कपा देने वाली ठंडी हो। फिर भी डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ती है। हमारी स्वच्छाग्रही समूह की दीदियां चाह है तो राह है कि कहावत को चरितार्थ करने में लगी हुई है। व्यवहार परिवर्तन की दिशा में कार्य करना कितना कठिन कार्य होता है सभी जानते हैं। फिर भी इस चुनौती पूर्ण कार्य को अमली जामा पहनाने में स्वच्छाग्रही समूह का योगदान किसी से छुपा नहीं है।



