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छत्तीसगढ़

सभी विभाग सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करें: कलेक्टर श्रीमती मिश्रा  समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश 

 

सभी विभाग सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करें: कलेक्टर श्रीमती मिश्रा

समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बालोद, 27 अप्रैल 2026

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सभी विभागों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी कार्य है। इसलिए राज्य शासन के मंशानुरूप आम नागरिकों को इसका समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य की भाँति बालोद जिले में भी सुशासन तिहार 2026 के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर तथा संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले का पहला जनसमस्या निवारण शिविर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अलावा शिविर के नोडल अधिकारी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में आयोजित सभी शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। जिससे कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन के संबंध में समुचित जानकारी मिल सके। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शिविरों में आम नागरिकों के लिए पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था करने तथा उसके अनुरूप पर्याप्त संख्या में शेड एवं विभागीय स्टाॅल लगाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जनसमस्या निवारण शिविरों में दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेषज्ञों की समुचित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के स्टाॅल में पर्याप्त मात्रा में डाक्टरों एवं अन्य स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित कराने को कहा। जिससे कि मौके पर ही दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान की जा सके। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जनगणना 2027 के कार्यों के अंतर्गत जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से स्वघोषणा पत्र में आॅनलाईन जानकारी दर्ज करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जनगणना 2027 के अंतर्गत आॅनलाईन स्वघोषणा पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी भी दी गई।

बैठक में कलेक्टर ने आईगोट कर्मयोगी पोर्टल में जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के आॅनबोर्डिंग कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी प्रत्येक कर्मचारियों की सीआर में अंकित की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी को सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने राष्ट्रीय राजमार्ग में अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टी भी लगाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को खाद, बीज प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य है।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नियुक्त ग्राम पंचायत सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से शादी के पूर्व वर, वधु का जन्म तिथि का अनिवार्य रूप से जांच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शादी की तिथि तय होने के पश्चात शादी के पूर्व सभी वर, वधुओं का कक्षा 5वीं एवं 8वीं के अंकसूची के आधार पर वर, वधु की आयु का मिलान अनिवार्य रूप से की जाए। कलेक्टर ने कहा कि अंकसूची अन्य दस्तावेजों से वर, वधुओं के आयु के मिलान के पश्चात् यदि वर की आयु 21 वर्ष से कम एवं वधु की आयु 18 वर्ष से कम होने पर उनकी विवाह को तत्काल रोक लगाई जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के जीवनदायिनी तांदुला के पुनरूद्धार कार्य हेतु जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के मध्य सफलतापूर्वक एमओयू होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस कार्य में विशेष भूमिका के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

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