बोरीद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पोला पर्व, खेल प्रतियोगिताओं ने बांधा समां

बोरीद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पोला पर्व, खेल प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
बोरीद। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक पोला पर्व का आयोजन ग्राम बोरीद में बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ सामूहिक रूप से मनाया गया। पूरे गांव के महिला, पुरुष, युवा, बालक-बालिकाओं एवं बुजुर्गों ने एकजुट होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व में सहभागिता निभाई। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य श्री संजय बैस रहे। वहीं विशेष अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुश्री नीलिमा श्याम, हितेश साहू, टिकेंद्र साहू, सरपंच हरिचंद ठाकुर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
### संजय बैस का उद्बोधन
मुख्य अतिथि संजय बैस ने अपने संबोधन में कहा कि पोला पर्व केवल किसानों का पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन गांव की भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने गांव के विकास के लिए रंगमंच, डोम शेड और हाई मास्क लाइट जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। ये मांगें गांव की आवश्यकता हैं और इन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और गांव के विकास के लिए वे हमेशा साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने युवाओं से खेल एवं सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अपनी संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
### नीलिमा श्याम ने सौंदर्यीकरण का दिया भरोसा
जिला पंचायत सदस्य सुश्री नीलिमा श्याम ने कहा कि बोरीद गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए गांव के सौंदर्यीकरण एवं आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही गांव का सर्वांगीण विकास संभव है।
### खेल प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
पोला पर्व के अवसर पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गोला फेंक, रस्साकशी, आलू दौड़ और सुरीली कुर्सी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जीवन रावटे, शोभा ठाकुर, पंकज, दिनेश, खिलेंद्र, दिलवर सहित समस्त ग्रामीणों की उल्लेखनीय भूमिका रही। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों का आत्मीय सम्मान किया गया तथा पूरे गांव ने सामूहिक रूप से लोक संस्कृति के इस पर्व को उत्सव के रूप में मनाया गया


