पारंपरिक रूप से लोहार का काम करने वाली संतोषी बाई का शासन की विभिन्न योजनाओं से निखरा भविष्य योजनाओं से लाभन्वित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

बघमरा/बालोद
पारंपरिक रूप से लोहार का काम करने वाली संतोषी बाई का शासन की विभिन्न योजनाओं से निखरा भविष्य
योजनाओं से लाभन्वित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार
बालोद, 12 अप्रैल 2026
जब मेहनत की आंच और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का मेल हुआ, तो लोहार का काम करने वाली संतोषी बाई के जीवन में बदलाव की एक नई तस्वीर बनने लगी है। बालोद जिले के ग्राम बघमरा की रहने वाली संतोषी बाई विश्वकर्मा आज उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं, जो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी अपने व परिवार के सपनों को सच कर रही हैं।
संतोषी बाई का जीवन भट्टी की आंच और लोहे की चोट के बीच बीता है। वे और उनके पति पुश्तैनी रूप से लोहारी के कार्य से जुड़े हैं। जहाँ आज के दौर में पारंपरिक व्यवसाय कम हो रहे हैं, संतोषी बाई ने इसे न केवल जीवित रखा बल्कि अपनी आजीविका का मुख्य आधार बनाया। वे आज भी पूरी तन्मयता के साथ कृषि उपकरणों कुदाल, टंगिया (कुल्हाड़ी) और हंसिया जैसे औजार बनाने का कार्य करती हैं। घंटों भट्टी के सामने बैठकर लोहे को आकार देना उनकी कार्य के प्रति समर्पण को दिखता है, जिसका परिणाम है कि उनके बनाए औजारों की मांग स्थानीय किसानों के बीच काफी है।
संतोषी बाई बताती हैं कि उनके पास खेती के लिए स्वयं की कोई जमीन नहीं थी। एक भूमिहीन कृषि मजदूर के रूप में जीवन अनिश्चितताओं से भरा था। लेकिन शासन की प्रमुख योजनाओं ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मिली ₹10,000 की वार्षिक सहायता तथा प्रतिमाह महतारी वंदन योजना की राशि ने उनके छोटे व्यवसाय को मजबूती दी और दैनिक जरूरतों में संबल प्रदान किया।
संतोषी बाई ने बताया कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती उनका कच्चा मकान था। खपरैल की छत और कच्ची दीवारों के बीच बरसात का समय काटना दूभर होता था। योजना के अंतर्गत मिली किस्तों का सही उपयोग कर उन्होंने अपने सपनों का पक्का मकान तैयार कर रही हैं, जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। आज संतोषी बाई अपने पक्के घर की चैखट पर खड़ी होकर गर्व महसूस करती हैं। वे कहती हैं कि शासन की मदद ने उन्हें वह गरिमा और सुरक्षा प्रदान की है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।सरकार की योजनाओं ने हमारे परिवार को सहारा दिया। आज मेरा अपना पक्का घर बनने वाला है और मेरा काम भी अच्छा चल रहा है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करती हूं।





